
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी जनमन आवास योजना में 3 करोड़ रुपये के बड़े गबन का मामला सामने आया है।

खनियाधाना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गताझलकुई के तत्कालीन पंचायत सचिव जीवन सिंह यादव और उनके बेटे रविप्रताप यादव के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

आरोप है कि दोनों ने मिलकर आदिवासी हितग्राहियों के आवासों की राशि हड़प ली।

पोर्टल पर आवास पूरे, धरातल पर अधूरे जांच में खुलासा हुआ कि पंचायत सचिव जीवन सिंह यादव ने अपने बेटे रविप्रताप यादव के साथ मिलकर 125 आदिवासी हितग्राहियों के जनमन आवास पूर्ण कराने का ठेका लिया था।

उन्होंने हितग्राहियों से आवासों की संपूर्ण राशि (3 करोड़ रुपये) का आहरण करवाकर पूरी रकम खुद रख ली, लेकिन धरातल पर अधिकांश आवास आज भी अपूर्ण हैं।

जांच में सामने आए मुख्य बिंदु: पोर्टल पर फर्जीवाड़ा: सचिव ने 20 आवासों को पोर्टल पर पूर्ण दिखा दिया, जबकि वे आज भी अधूरे हैं। अपूर्ण कार्य की स्थिति: केवल 37 आवास पूर्ण हुए हैं और 73 आवास केवल छत के स्तर तक ही बन पाए हैं। मजदूरी की राशि में हेराफेरी: जनमन आवास के हितग्राहियों के खाते में मजदूरी की राशि डालने के बजाय, इसे अन्य जॉब कार्डधारियों के खातों में डालकर गबन किया गया। अनाधिकृत राशि रखना: तीन हितग्राहियों के 1.50 लाख रुपये तत्कालीन सचिव ने अनाधिकृत रूप से अपने पास रख लिए, जिसकी सूचना न तो कार्यालय को दी गई और न ही नोडल खाते में जमा किया गया। अपात्रों को लाभ: सचिव जीवन लाल यादव ने 8 ऐसे अपात्र लोगों को भी जनमन आवास का लाभ दिया, जो योजना की पात्रता श्रेणी में नहीं आते थे। मामला सिद्ध होने पर, जनपद सीईओ मोगराज पुत्र घासीलाल मीणा की शिकायत पर आरोपित पंचायत सचिव और उनके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।








