
इंदौर। शहर में चूहों का आतंक बढ़ता जा रहा है। जनवरी से अगस्त 2025 तक 754 लोग चूहे के काटने के शिकार हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे और मधुमेह के मरीज शामिल हैं। हुकुमचंद अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इन सभी पीड़ितों को एंटी रैबिज वैक्सीन लगाई गई है।अस्पताल से जुड़े तथ्यएमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एनआईसीयू में हाल ही में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरने का मामला सामने आया था। वहीं हुकुमचंद अस्पताल के रिकॉर्ड बताते हैं कि जनवरी से अगस्त तक लगातार चूहों के काटने के मामले रिपोर्ट हुए हैं।महीनेवार आंकड़ेजनवरी – 30 मामलेफरवरी – 38 मामलेमार्च – 55 मामलेअप्रैल – 55 मामलेमई – 63 मामलेजून – 108 मामलेजुलाई – 234 मामले (सबसे ज्यादा)अगस्त – 171 मामलेकुल: 754 मामलेविशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल चूहों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पहले टिटनेस का इंजेक्शन लगाया जाता था, लेकिन अब डब्ल्यूएचओ की नई गाइडलाइन के अनुसार एंटी रैबिज वैक्सीन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।डॉक्टर का बयानहुकुमचंद अस्पताल के प्रभारी डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि अस्पताल में सभी पीड़ितों को एंटी रैबिज वैक्सीन दी जा रही है, जिससे उन्हें राहत मिल रही है।








