
रतलाम में नोटों से जगमगाए महालक्ष्मी मंदिर, भक्तों को मिल रही ‘कुबेर की पोटली’रतलाम। दीपोत्सव के अवसर पर मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में माता महालक्ष्मी के मंदिर धनलक्ष्मी से जगमगा उठे हैं। इस बार माणकचौक स्थित प्राचीन श्री महालक्ष्मी मंदिर और पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र स्थित श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर को करोड़ों रुपये के गहनों और नोटों से सजाया गया है।नोटों से हुई खास सजावटसजावट के लिए भक्तों द्वारा दिए गए 1 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के नोटों की गड्डियों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर के पुजारी अश्विन पुजारी के अनुसार, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नकदी जमा कराई है, जिसमें एक से लेकर 500 रुपये तक के नोटों की गड्डियां शामिल हैं। इस बार सुरक्षा कारणों से आभूषणों की जगह केवल नोटों से ही सजावट की गई है, जिसे भक्त दीपोत्सव तक निहार सकेंगे।सुरक्षा के कड़े इंतजामसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और माणकचौक थाने के पुलिस जवान भी तैनात हैं।नकदी जमा करने की ऑनलाइन प्रक्रियाभक्तों द्वारा जमा कराई गई नकदी की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन इंट्री की गई है। नकदी जमा करने वाले श्रद्धालुओं को ई-मेल पर टोकन नंबर दिया गया। राशि जमा करते समय ओटीपी, मोबाइल नंबर और आधार नंबर लिया गया। राशि लौटाते समय भी नया ओटीपी और टोकन नंबर बताना अनिवार्य होगा।पहली बार दमका महालक्ष्मीनारायण मंदिरमाणकचौक मंदिर की तर्ज पर पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र स्थित श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर में भी नोटों की गड्डियों से भव्य सजावट की गई है। पुजारी असीम और दीपक व्यास ने बताया कि यहां भक्तों से आधार कार्ड की छायाप्रति लेकर रसीद दी गई है।दोनों ही मंदिरों में भक्तों को कुबेर की पोटली का वितरण भी किया जा रहा है, जिससे यहां आस्था का माहौल बना हुआ है।








