
शरद पूर्णिमा से बदला भोलेनाथ का श्रृंगार: जागेश्वरनाथ महादेव को पहनाए गए ऊनी वस्त्रबनवार/दमोह। बुंदेलखंड की आस्था का केंद्र देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर एक बार फिर भक्ति और परंपरा के अनूठे रंग में रंग गया है। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर यहां भगवान भोलेनाथ के दैनिक श्रृंगार में मौसमी बदलाव किया गया है। मान्यता और वर्षों पुरानी परंपरा के तहत, देव श्री जागेश्वरनाथ महादेव को ठंड से बचाने के लिए अब गरम (ऊनी) वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।भक्तों का विश्वास है कि शरद पूर्णिमा से ही शीत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इसी कारण, मंदिर ट्रस्ट द्वारा प्रतिदिन नित्य पूजन और संध्या आरती के समय शिवलिंग का श्रृंगार गरम कपड़ों से किया जा रहा है। यह परिवर्तन केवल एक सेवा नहीं, बल्कि भक्ति का एक रूप है, जिसमें भक्त अपने जीवनशैली के बदलाव को भगवान के श्रृंगार में भी दर्शाते हैं।मंदिर के इस विशेष सेवा क्रम के आरंभ होते ही, परिसर में रोजाना विशेष आरती, पुष्प सज्जा और भक्ति संगीत से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु देव श्री जागेश्वरनाथ महादेव के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि जिस भाव से पूजा-अर्चना की जाती है, भगवान भी उसी भाव में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।








