
MP-UP को मिलेगी 800 मेगावाट सोलर बिजली: मुरैना में बनेगा ‘सोलर प्लस स्टोरेज’ प्रोजेक्टभोपाल। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जल्द ही 800 मेगावाट क्षमता का एक बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट (सोलर पार्क फेज-2) स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना की खास बात यह है कि इससे बनने वाली बिजली का उपयोग मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश बारी-बारी से करेंगे, जिसमें छह माह MP और छह माह UP को बिजली मिलेगी।नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने शुक्रवार को भोपाल में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे और चयनित निजी कंपनी को इसे वर्ष 2027 तक पूरा करना होगा।भारत में पहली बार 3 रुपये से कम का टैरिफमंत्री शुक्ला ने मुरैना सोलर पार्क के फेज-1 की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि MP अपनी पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना विकसित कर रहा है, जिसमें बिजली का टैरिफ 2.70 रुपये प्रति यूनिट प्राप्त हुआ है। यह दर भारत में किसी भी ‘फर्म एंड डिस्पेचेबल नवकरणीय ऊर्जा परियोजना’ के लिए तीन रुपये प्रति यूनिट से कम प्राप्त होने वाली पहली दर है। * नीलामी: ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए 2.70 रुपये प्रति किलोवाट के टैरिफ के साथ संपन्न हुई। * सफल निविदादाता: सीगल इंडिया लिमिटेड और एक्मे सोलर होल्डिंग्स लिमिटेड।क्या है ‘सोलर प्लस स्टोरेज प्रोजेक्ट’?यह परियोजना बिजली आपूर्ति में एक बड़ा बदलाव लाएगी। इसमें दो मुख्य तरीके शामिल हैं: * बैटरी बैकअप (शाम का समय): दिन में सोलर से पैदा हुई बिजली से विशाल बैटरी चार्ज की जाएगी। सूरज डूबने के बाद शाम के पीक आवर्स में इसी बैटरी से बिजली की सप्लाई होगी। * सस्ती ग्रिड चार्जिंग (सुबह का समय): मध्यरात्रि के बाद सबसे कम दरों में मिलने वाली सस्ती ग्रिड पावर (थर्मल, जल या पवन) से रात में बैटरी को फिर से चार्ज किया जाएगा, ताकि सुबह के पीक आवर्स में फिर से सप्लाई दी जा सके।यह ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे घरों में बिजली जाने पर इन्वर्टर बैटरी बैकअप देता है, लेकिन यह बड़े पावर प्रोजेक्ट के स्तर पर होगा।मुरैना पार्क में दो सौर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां होंगी, जो तीनों अवधियों (रियल टाइम सोलर, शाम के पीक आवर्स, और सुबह के पीक आवर्स) में 220 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करेंगी। इस पार्क का क्रियान्वयन रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा किया गया है।








